बलिया, जून 9 -- सहकारी समितियों और सरकारी केंद्रों पर धान बीज-खाद का संकट, महंगे दाम पर खरीदने को मजबूर किसान। पूर - खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की नर्सरी डालने का समय चरम पर है, लेकिन पंदह ब्लॉक के सहकारी समितियों, कृषि इकाइयों और सरकारी बीज विक्रय केंद्रों पर धान के उन्नतशील एवं अगैती प्रजातियों के बीज उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते किसानों को निजी दुकानों से महंगे दाम पर बीज खरीदना पड़ रहा है। वहीं समितियों पर खाद की कमी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है.

धान की प्रमुख प्रजातियाँ किसानों का कहना है कि धान की अगैती एवं अधिक उत्पादन देने वाली प्रमुख प्रजातियों में नाटी मंसूरी (एमटीयू-7029), सोनम, पूजा, चिंटू और गोपालभोग शामिल हैं। इनकी नर्सरी मई के अंतिम सप्ताह अथवा जून के प्रथम सप्ताह तक डाल दी जानी चाहिए, लेकिन सरकारी केंद्रों पर बीज उपल...