सीतामढ़ी, जून 7 -- उत्तमचंद वर्मा सीतामढ़ी, हमारे प्रतिनिधि। खरीफ सीजन की तैयारी के बीच किसानों की चिंता बढ़ गई है। खाद और बीज की बढ़ी कीमतों ने धान की खेती की लागत को बढ़ा दिया है। मिक्सचर उर्वरक और पोटाश खाद के दाम बढ़ने से किसानों का आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।

धान उत्पादन पर असर इसके परिणामस्वरूप धान उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि रोपनी और बिचड़ा तैयार करने में अब उन्हें अधिक खर्च करना पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध के कारण कृषि सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है। जिसका असर छोटे और सीमांत किसानों पर सबसे अधिक पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों का भी कहना है कि उर्वरकों और बीज की महंगी कीमतों के कारण किसानों का मुनाफा घट सकता है।

राहत देने व अनुदान बढ़ाने की मांग किसान सुमित कुमार, संतोष सिंह, रामविलास शर्...