नई दिल्ली, अगस्त 14 -- भारत सरकार हर साल खाद पर लाखों करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि खेतों में डाली गई अधितर खाद फसलों तक पहुंचती ही नहीं है। फसल दिल खोलकर लहलहाने से रहे। विशेषज्ञों और खाद बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि जितनी खाद खेतों में डाली जाती है, उसका करीब दो-तिहाई हिस्सा पौधों तक नहीं पहुंच पाता। यह खाद या तो जमीन के अंदर पानी में मिल जाती है, या हवा में उड़ जाती है, जिससे वातावरण को भी नुकसान होता है।भारत में खाद की खपत कितनी है? भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खाद उपभोक्ता है और यूरिया सबसे ज्यादा मात्रा में विदेश से मंगवाता है। सरकार ने साल 2025-26 में खाद सब्सिडी पर 2.17 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। अगले साल 2026-27 के लिए उर्वरक मंत्रालय ने 3.54 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी मांगी है। यह भी पढ़ें- क...