खादी आश्रमों पर तिरंगों का टोटा, सिल्क के झंडे खरीदने को मजबूर लोग
बागपत, अगस्त 13 -- बड़ौत। स्वतंत्रता दिवस का पर्व को लेकर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की खरीदारी जोर पकड़ने लगी है। बाजारों में तिरंगे के साथ-साथ बैज, टोपी, रिबन, स्टीकर, हेयर बैंड, टैटू और हाथ में पहनने वाली तिरंगे की चूड़ियों की भी मांग बढ़ गई है। दरअसल, खास बात यह है कि समय के साथ तिरंगे के कपड़े में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी खादी से बने राष्ट्रीय ध्वज की ही सबसे ज्यादा मांग रहती थी, लेकिन अब आम लोगों के बीच कॉटन, सिल्क और खासकर पॉलिएस्टर के तिरंगे ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह कीमत, वजन और टिकाऊपन है। कारोबारियों के मुताबिक खादी का तिरंगा अपेक्षाकृत महंगा और भारी होता है, जबकि पॉलिएस्टर और सिल्क के झंडे कम कीमत में उपलब्ध होने के साथ हल्की हवा में भी आसानी से लहराते हैं। यही कारण है कि घरों, स्कूल-कॉलेजों, सामाजि...
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