नई दिल्ली, मार्च 17 -- नई दिल्ली विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यह बताने के लिए कहा है कि खाता धारकों की मौत होने पर बैंक खातों की जानकारी उनके वारिसों को क्यों नहीं दी जा सकती? शीर्ष अदालत ने यह सवाल करते हुए केंद्र सरकार से कहा कि इस मुद्दे पर एक समुचित नीति बनानी चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने उस जनहित याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की है, जिसमें यह आदेश देने की मांग की गई है कि मृत खाताधारकों/जमाकर्ताओं के बैंक खातों में पड़े लावारिस जमा पैसों के बारे में उनके कानूनी वारिसों को सूचित करने के लिए एक तंत्र बनाई जाए। पीठ ने सुनवाई के दौरान कह कि 'मान लीजिए, किसी व्यक्ति के अलग-अलग देशों में 10 अलग-अलग खाते हैं और वसीयत किए बगैर उसकी मौत हो जाती है, तो उसके...
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