नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम एशिया (खाड़ी) में जारी संघर्ष का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर दिखाई देने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्ग और सप्लाई चेन प्रभावित होने से कई सेक्टर दबाव में आ गए हैं। इसी बीच केंद्र सरकार प्रभावित उद्योगों को राहत देने के लिए बड़े कदमों पर विचार कर रही है, जिनमें कर्ज की किस्तों (ईएमआई ) पर अस्थाई राहत भी शामिल है। इसके साथ ही, कुछ अन्य राहत विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार तीन महीने तक के लिए लोन मोराटोरियम (किस्त स्थगन) देने पर विचार कर रही है। इसके तहत कंपनियों और कारोबारियों को कुछ समय तक ईएमआई नहीं चुकानी होगी, जिससे उनकी नकदी (कैश फ्लो) पर दबाव कम हो सके। उद्योग जगत, खासकर निर्यातकों और एमएसएमई क्षेत्र ने भी सरकार और आरबीआई से...
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