बांदा, मार्च 9 -- बांदा, संवाददाता। खाड़ी देशों में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से सूखे मेवों के आयात पर असर पड़ रहा है। यही वजह है कि जनपद भी इस प्रभाव से अछूता नहीं है। ज्यादातर सूखे मेवों के दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। खजूर, पिस्ता, अंजीर, मुनक्का और छुहारा जैसे मेवे खाड़ी देशों से ही आते हैं। थोक मेवा व्यापारियों का कहना है कि अभी ज्यादातर मेवों 10 से 15 प्रतिशत तक दाम बढ़े हैं। यदि स्थिति ऐसे ही रही और सामान्य नहीं होती तो नवरात्र के पहले मेवों के दाम दोगुना हो जाएंगे। सहालग का समय होने के कारण मार्च व अप्रैल माह में मेवों की मांग बढ़ जाती है। गोद भराई हो या तिलक अथवा शादी-ब्याह सभी में मेवों की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा रमजान माह होने के कारण खजूर छुहारा आदि की खपत ज्यादा होती है। वहीं नवरात्र भी दस ...
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