खाजा-रसगुल्ला ग्रहण कर प्रभु ने किया मंदिर प्रवेश
वाराणसी, जुलाई 19 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी में तीन दिनी रथयात्रा के दौरान नगर भ्रमण कर प्रभु जगन्नाथ जब रविवार की भोर में लौटे तो पुरी से जुड़ी एक प्राचीन परंपरा की शुरुआत हुई। यह भी पढ़ें- Varanasi News: रथारूढ़ प्रभु के दर्शन को उमड़ा जनसैलाबपरंपरा की शुरुआत अस्सी स्थित पूर्वाम्नाय दक्षिणामूर्ति मठ में रहने वाले संन्यासियों ने पुरी की परंपरा के अनुसार भगवान को भोग अर्पण किया। मठ की ओर से प्रभारी दंडी संन्यासी वनवैभवारण्य सरस्वती ने भगवान को खाजा और रसगुल्ला का विशेष भोग लगाया। उन्हें फूल-फल अर्पित किए। मंदिर के द्वार पर ही सामूहिक वंदना की गई। इसके बाद प्रभु जगन्नाथ ने मंदिर में प्रवेश किया। काशी में भगवान जगन्नाथ का मंदिर प्रतिष्ठित होने के 236 वर्ष बाद पहली बार इस परंपरा का पालन किया गया है। यह भी पढ़ें- Jaunpur News: कढ़ी भा...
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