कानपुर, जनवरी 8 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। खसरा और रूबैला के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बच्चों में तेजी से फैलने वाली इन संक्रामक बीमारियों से होने वाली जटिलताओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और त्वरित सूचना ही मासूम बच्चों को गंभीर खतरे से बचा सकती है। डीएम ने कहा कि खसरा-रूबैला के कारण मेनिन्जाइटिस, कॉर्नियल स्कारिंग, निमोनिया, दस्त और कान पकने जैसी गंभीर जटिलताएं सामने आती हैं। यदि ऐसे किसी भी रोगी में बुखार, रैश या खसरा जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकों द्वारा रोग का विस्तृत इतिहास जरूर लिया जाए। बिना किसी विलंब के संबंधित अधिकारियों को सूचना देना अनिवार्य है। इसके लिए जिला ...
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