लखीमपुरखीरी, फरवरी 23 -- पलियाकलां। सोमवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ भरत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि खसरा रूबेला एमआर का टीकाकरण बच्चों को गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए इंजेक्शन के रूप में लगाया जाता है। यह खसरा तथा रूबेला वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है। खसरा और रूबेला की रोकथाम के लिए 5 वर्ष से 10 वर्ष के बच्चों को त्वचा के नीचे एक खुराक का इंजेक्शन दाएं हाथ में लगाया जाता है। उन्होंने बताया रूबेला एक तरह का वायरस संक्रमण है जो आसानी से एक से दूसरे में फैलाता है। इस संक्रामक की पहचान मुख्य रूप से इसके चकत्ते से होती है और इसे जर्मन खसरा या तीन दिवसीय खसरा भी कहा जाता है। बच्चों में आमतौर पर बुखार, सिर दर्द, अस्वस्थता, फैले हुए दाने, लसिका ग्रंथि का बढ़ना, सांस फूलने के लक्षण और आंख आना आदि हो सकता है। काउंसलर अंकित दीक्षित ने ...
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