बांदा, मार्च 31 -- बांदा। संवाददाता वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मंगलवार को भी कोषागार कार्यालय में देर शाम तक बजट खपाने की कवायद चलती रही। शासन से कई विभागों को अंतिम दिन तक बजट आवंटित हुआ, जिसे ठिकाने लगाने के लिए अधिकारी पूरी सिद्दत से जुटे रहे। विभागों ने बिल लगाकर करीब दो सौ करोड़ रुपये अंतिम दिन भुगतान कराया। वहीं दस करोड़ से ज्यादा रुपये सरेंडर हुए हैं। पीडब्ल्यूडी का खर्च न हो पाने के कारण सड़कों के लिए आया करीब 72 करोड़ रुपये लेप्स हो गया है। वहीं नमामि गंगे (ग्रामीण) के पेयजल परियोजना के लिए आए 1.21 करोड़ रुपये भी वापस करने पड़े।कलेक्ट्रेट स्थित मुख्य कोषागार में वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन दिन से बिलों के भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को देर रात तक विभिन्न विभागों के एकाउंटेंट व बाबू बिल लेकर उसे स्वीकृत कराने और भुगतान करा...
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