हजारीबाग, जून 10 -- इचाक, प्रतिनिधि । कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग के प्रभाग आत्मा की ओर से प्रखंड के हदारी गांव में संतुलित उर्वरक, दलहन खेती, मोटे अनाज की खेती को लेकर बुधवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मक्का, बाजरा रागी की खेती पर भी जानकारी दी गई। बताया गया कि संतुलित उर्वरक उपयोग का अर्थ मिट्टी जांच के आधार पर फसल की आवश्यतानुसार पोषक तत्वों को सही मात्रा, सही समय और सही अनुपात में उपयोग से अच्छी पैदावार मिलेगा। यह न केवल पैदावार बढ़ाता है, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य, उत्पाद की गुणवत्ता और पर्यावरण की रक्षा भी करता है। संतुलित उर्वरक में फसल की आवश्यकताओं, मिट्टी की उर्वरता की स्थिति और मौजूदा जलवायु परिस्थितियों के आधार पर सभी आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को उचित अनुपात, मात्रा, समय और तरीकों से लागू करना शामिल है। सरका...