नई दिल्ली, अगस्त 30 -- - अंटार्कटिक में शोध के लिए देश को चाहिए खास पोत नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। अंटार्कटिक में शोध के लिए एक ध्रुवीय अनुसंधान पोत (पीआरवी) की खरीद में देरी का नतीजा यह हुआ कि जो पोत पहले 400 करोड़ रुपये में आ रहा था, उसकी लागत अब बढ़कर 2600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। हाल में अंटार्कटिक मिशन को लेकर विदेश मंत्रालय की संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस विषय पर चिंता जाहिर की है।

ध्रुवीय अनुसंधान पोत की जरूरत समिति ने कहा कि लंबे समय से अनुसंधान के लिए पीआरवी खरीदने की योजना बन रही थी। हालांकि, वर्ष का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। समिति को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने कहा कि पोत के लिए वित्त मंत्रालय ने मंजूरी दी है और जल्द ही इसे देश में ही तैयार किया जाएगा। दरअसल, अंटार्कटिक में बर्फ की अधिकता के चलते विशेष किस्म के...