मथुरा, नवम्बर 29 -- खरपतवार नाशक का प्रयोग करने पर एक किसान की आठ बीघा गेहूं की फसल झुलस गयी। कस्बे में फसलों में बढ़ते दवाओं के प्रचलन और इनमें मोटे मुनाफे के चलते दर्जनों दुकानें खुल गई हैं, लेकिन अधिकतर दुकानों पर विक्रेताओं के पास न तो कृषि की डिग्री है और न ही लाइसेंस। इसका खामियाजा किसान उठा रहे हैं। क्षेत्र के गांव पसौली निवासी किसान गोपाल पुत्र रघुवीर ने अपनी आठ बीघा गेहूं की फसल में उपजी सरसों और बथुआ जैसी खरपतवार को नष्ट करने के लिए टू फॉर डी नामक दवा खरीदी। किसान ने दुकानदार के बताए अनुसार ही मशीन द्वारा छिड़काव किया। किसान ने बताया कि दवा का असर देखने के दो दिन बाद ही गेहूं की फसल झुलसने लगी। जब उन्होंने दुकानदार से शिकायत की, तो दुकानदार ने दवा सप्लायर से बात करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। किसान कई दिनों से दुकान पर चक्कर ...
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