सासाराम, मार्च 23 -- बिक्रमगंज, हिटी। चैती छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना के साथ ही व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। बताया जाता है कि खरना को लेकर सूर्योदय से सूर्यास्त तक बिना अन्न-जल के रहकर व्रतियों ने अपने अटूट संकल्प और छठी मैया के प्रति समर्पण का परिचय दिया। संध्या होते ही व्रती नदियों,तालाबों और सरोवरों के घाटों पर पहुंचे। जहां उन्होंने स्नान कर पूरी विधि-विधान से छठी मैया की पूजा-अर्चना की। इसके बाद घरों में पूरी स्वच्छता और शुद्धता के साथ खरना का प्रसाद तैयार किया गया।

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