गोंडा, मार्च 6 -- खरगूपुर, संवाददाता। चिकित्सक की नियुक्ति न होने से बीमार पशुओं का इलाज और टीकाकरण समय से नहीं हो पा रहा है। इससे पशुपालक झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं।क्षेत्र के 51 गांवों के 17 हजार से अधिक पशुओं का इलाज फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। वीरपुर झलहिया में बना राजकीय पशु चिकित्सालय खरगूपुर फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। यहां 26 जुलाई 2022के बाद से डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई।केवल चार्ज से काम चलाया जा रहा है। यही कारण है कि यहां पशुओं का समय से टीकाकरण नहीं हो पाता है। ग्राम पंचायत भंगहा के रमगढ़िया में राम चरित्र प्रजापति की दो भैंस, जोखू की एक भैंस, सुशील यादव की एक गाय, राजकुमार यादव की एक भैंस, भंगही के राजेंद्र वर्मा की एक भैंस सहित अन्य गांवों में मुंहपका व खुरपका नामक बीमारी से कई पशु बीमार हैं। पशुओं ...