मेरठ, जून 17 -- खरखौदा थाना परिसर की भूमि पर बनी मस्जिद को हटाने के आदेश के विरोध में बुधवार को मशरिकी जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश और नायब शहर काजी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल डीआईजी कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने डीआईजी को ज्ञापन सौंपकर मस्जिद को न गिराए जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि संबंधित जामा मस्जिद कई सौ वर्ष पुरानी है और स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रही है। प्रतिनिधियों का कहना है कि मस्जिद का पंजीकरण वर्ष 1985 में उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड में कराया गया था तथा उससे संबंधित अभिलेख और वक्फ पंजीकरण क्रम संख्या भी उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद के संबंध में आवश्यक कागजात और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि मस्जिद को लेकर प्रशासन द्वारा दस्...