देवघर, सितम्बर 20 -- जसीडीह, प्रतिनिधि। खनिज संपदा पर राज्यों के अधिकार और आर्थिक हित प्रभावित होने की आशंका जताते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 के खिलाफ शनिवार को देवघर प्रखंड परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। यह भी पढ़ें- खनिज कानून संशोधन के खिलाफ झामुमो का प्रदर्शनधरने की मांग कार्यकर्ताओं ने संशोधन के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने अथवा आवश्यक बदलाव की मांग की। धरना के बाद राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया। झामुमो नेताओं ने कहा कि झारखंड की पहचान जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़ी है। आदिवासी और मूलवासी समाज की आजीविका, संस्कृति और अस्तित्व में प्राकृतिक संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में खनिज संपदा से होने वाले आर्थिक लाभ में राज्य और स्थानीय समुदायों...