खदान बंदी के लिए भारत को 10 मिलियन यूरो की आर्थिक मदद
धनबाद, जुलाई 23 -- धनबाद। विशेष संवाददाता पुरानी एवं अनुपयोगी खदानों की बंदी पर कोयला सचिव विक्रम देवदत्त का कहना है कि खनन कार्य विवेकपूर्ण होना चाहिए और खनन क्षेत्रों में विकास के केंद्र में जन और उनका जीवन होना चाहिए। उन्होंने खदानों को बंद करने को खनन के जीवन चक्र का एक महत्वपूर्ण चरण बताया, जहां जिम्मेदार संसाधन निष्कर्षण के बाद दीर्घकालिक पर्यावरण बहाली, भूमि का पुन:rupayog और सतत सामुदायिक विकास होना आवश्यक है। इस कार्य के लिए जर्मनी से भारत को उन्नत तकनीक सहयोग मिल रहा है। यह भी पढ़ें- तीन साल में 147 खदानें बंद करने का लक्ष्य: कोयला मंत्रीखदान बंद करने की प्रक्रिया कोयला सचिव के अनुसार कोयला मंत्रालय ने खदानों को बंद करने की प्रक्रिया को एक नियामकीय आवश्यकता से बदलकर एक नियोजित, जन-केंद्रित प्रक्रिया में बदल दिया है। इसके लिए उन्...
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