सोनभद्र, दिसम्बर 4 -- ओबरा, हिन्दुस्तान संवाद। खान सुरक्षा निदेशालय द्वारा बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र की 37 खदानों को बंद करने के आदेश से खनन क्षेत्र से जुड़े हजारों मजदूरों, परिवहन कर्मियों सहित स्थानीय कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई है। व्यापारी अपनी आजीविका को लेकर ऊहापोह की स्थिति में फंसे हुए है। बता दे कि खनन क्षेत्र के बंद होने से इसका प्रभाव जनपद सहित पूरे पूर्वांचल वासियों पर पड़ना स्वाभाविक है। इस व्यवसाय के बंद होने से ट्रक मालिको, कपड़ा व्यवसाइयों, टायर बेचने वालों, ढाबा चलाने वालो, किराना वाले, पंचर बनाने वालों सहित हजारों की संख्या में मजदूरों पर इसका गहरा असर पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। वही अगर खदाने पूरी तरह बंद हो जाने से लोगों के घर, मकान सहित सरकारी विकास कार्य भी पूरी तरह ठप हो जाएगा। इसके साथ ही साथ प्रदेश को बड़े पैम...
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