लखनऊ, मार्च 10 -- लखनऊ, विशेष संवाददाताराज्य सरकार धोखाधड़ी कर एक ही जमीन की बार-बार रजिस्ट्री होने की प्रवृति पर कड़ाई से रोक लगाने जा रही है। इसके लिए खतौनी व मालिकाना हक जांच के बाद ही संपत्तियों की रजिस्ट्री की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ।स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में कई मामलों में यह देखा गया है कि वास्तविक मालिक के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा भी संपत्तियां बेच दी जाती हैं। इसके अलावा निषेधित या प्रतिबंधित संपत्ति का विक्रय, अपने अधिकार से अधिक संपत्ति का विक्रय, कुर्क संपत्ति का विक्रय तथा केंद्र या राज्य सरकार के स्वामित्व वाली भूमि की भी रजिस्ट्रियां हो जा रही हैं। ऐसे मामलों के कारण बाद में विवाद ...
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