इटावा औरैया, अप्रैल 8 -- इटावा। जनता की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाली पुलिस खुद असुरक्षित माहौल में काम करने को मजबूर है। जिले की कई पुलिस चौकियां और थाने जर्जर हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दीवारों में दरारें, छत से टपकता पानी, टूटते छज्जे और अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे पुलिसिया कामकाज चल रहा है। हैरानी की बात ये है कि वरिष्ठ अधिकारियों के नियमित निरीक्षण और सुधार के आदेशों के बाद भी जमीनी स्तर पर हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा। 28 मार्च को पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर क्षेत्र हरीश चंदर ने शहर कोतवाली का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने भवन को जर्जर बताते हुए कहा कि यह एओ ह्यूम के समय का बना है और कंडम हो चुका है। उन्होंने नई बिल्डिंग के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। शहर कोत...
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