खतरा टला नहीं, पैलानी के 37 परिवार मंडी समिति में रोके गए
फर्रुखाबाद कन्नौज, अगस्त 31 -- समेचीपुर चितार में अब तक 24 घर गंगा में समा चुके दो अन्य पक्के मकान भी कटान की जद में हैं यह भी पढ़ें- नदियों का जलस्तर कम होने से राहतकटान से गांव में मुश्किलें शमसाबाद, संवाददाता। गंगा के कटान से समेचीपुर चितार में अभी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। शनिवार की शाम से गंगा का जलस्तर भले ही घटने लगा लेकिन कटान से खतरा अभी तक टला नहीं है। समेचीपुर चितार गांव गंगा के किनारे बसा है। कटान से अब तक 12 झोपड़ियां और 12 ही पक्के मकान बह चुके हैं। दो अन्य पक्के मकान भी कटान की जद में हैं। यह मकान उजागर और राजा के हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि गंगा में दोबारा कटान शुरू हुआ तो कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं।प्रशासनिक सहायता उधर, प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को गाटा संख्या 215 में भूमि आवंटित की गयी है। मगर वहां पर अभी बाढ़...
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