बहराइच, अप्रैल 9 -- बहराइच। विश्वविद्यालयों और कालेजों में क्षेत्रीय इतिहास को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। जरूरत इस बात की है कि विद्यार्थियों में क्षेत्रीय इतिहास के प्रति जागरूकता पैदा जाय। उन्हें लघु शोध के लिए स्थानीय टापिक दिए जाएं जिससे कि उन्हें इतिहास के प्रति जिज्ञासा पैदा हो और उस क्षेत्र का इतिहास उजागर हो सके। ये विचार अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली के सह संगठन सचिव संजय श्रीहर्ष ने किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कान्फ्रेंस हाल में आयोजित एक बैठक में व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्हें कॉलेज के सेंटर फॉर हिस्टारिकल स्टडीज के प्रभारी डॉ. सत्यभूषण सिंह की ओर से सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम में सुशील माहेश्वरी नूतन, डॉ. हनुमान प्रसाद यादव, डॉ. नीरज पांडेय, डॉ. डिंपल जैन, मध्यकालीन विभाग के प्रभार...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.