क्षेत्रफल घटा पर तकनीक से बढ़ी दलहन की पोषणयुक्त पैदावार
कानपुर, अगस्त 29 -- कानपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एवं कृषि, अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डेयर) के सचिव डॉ. एमएल जाट ने कहा कि कृषि में तकनीक का तेजी से प्रयोग हो रहा है। वैज्ञानिक तकनीक की मदद से उन्नत प्रजातियां विकसित कर रहे हैं। पिछले सालों में करीब 16 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्रफल होने के बावजूद गुणवत्तायुक्त पैदावार में वृद्धि हुई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में दो दिवसीय अखिल भारतीय समन्वित रबी दलहन अनुसंधान परियोजना की 31वीं वार्षिक समूह बैठक का आयोजन हुआ। शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. एमएल जाट, विवि के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने किया। यह भी पढ़ें- केमिकल होगा खत्म, तीन वर्षों में बायोफोर्टिफाइड फसलें बनाएंगी सेहत डॉ. जाट ने कहा कि दलहन अनुसंधान में वर्तमान चुनौतियों की प्राथमिकता ...
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