नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता क्षमा ही मानवता का सार है और समाज को जोड़ने की आधारशिला है। उक्त बातें दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित क्षमावाणी पर्व कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि क्षमा के माध्यम से हम क्रोध और अहंकार से ऊपर उठते हैं। बल प्रतिशोध में नहीं, बल्कि मेल-मिलाप में है। गुप्ता ने कहा कि दस दिनों तक मनाया गया दसलक्षण पर्व केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अनुशासन का संदेश देता है। क्षमावाणी पर्व इसका अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन है, जिसमें हम एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगते हैं और आपसी भाईचारा एवं सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन का क्षमा और सहिष्णुता का संदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक ह...
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