धनबाद, सितम्बर 28 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। दिगंबर जैन समाज का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व पर्युषण रविवार को क्षमावाणी के साथ संपन्न हो गया। 16 सितंबर से 27 सितंबर तक चले पर्व के दौरान जैन मंदिरों में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान हुए। सुबह भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और पूजा की गई। शाम को आरती के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। पर्व के अंतिम दिन क्षमावाणी दिवस मनाया गया। जैन समाज में क्षमावाणी का विशेष महत्व है। इस दिन लोग वर्षभर में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगते हैं और आपसी प्रेम, सौहार्द व भाईचारे का संदेश देते हैं। लोगों ने एक-दूसरे से 'मिच्छामि दुक्कड़म्' कहकर क्षमा याचना की।कार्यक्रम यह भी पढ़ें- Dhanbad News: कतरास में जैन समाज ने मनाया क्षमावाणी पर्व के दौरान महेंद्र जी पांडया परिवार को रत्नों की माला लेन...