नई दिल्ली, फरवरी 17 -- मनु जोसेफ,पत्रकार और उपन्यासकार मेरी कॉलोनी का दुकानदार इन दिनों मुझसे कुछ नाखुश रहता है, क्योंकि मैं अब उसके पास नहीं जाता। उसे लगता है कि मैं उससे ऐसी-ऐसी चीजें मांगता हूं, जो उसके पास होती नहीं हैं और उसे नीचा दिखाने के लिए एक आधुनिक स्टोर पर चला जाता हूं, जहां महंगे अनाज 'होलमार्क' व 'ऑर्गेनिक फूड' के संकेत के साथ पैक किए जाते हैं। कुछ महीने पहले एक लंबे अंतराल के बाद उसकी दुकान पर गया और उससे 'ब्लैक राइस' के बारे में पूछा, तो उसने इसके बारे में कभी सुना ही न था। हाल ही में जब मैं फिर से उसकी दुकान पर गया, तो वह मुझे ऐसे देख रहा था, जैसे मैं कोई हिसाब-किताब करने आया हूं। मैंने पूछा, ब्लिंकिट, जेप्टो जैसे 'क्विक-डिलीवरी एप्स' के जमाने में दुकानदारी कैसी चल रही है? उसने जवाब दिया, 'अच्छी चल रही है। उनसे मुझे कोई ख...