रुडकी, जुलाई 15 -- रुड़की, संवाददाता। आचार्य भगवान सुश्रुत की जयंती पर क्वाड्रा इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद में कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के सचिव डॉ. रकम सिंह ने दीप जलाकर किया। कहा कि आचार्य सुश्रुत के शल्य चिकित्सा सिद्धांत आज भी चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणास्रोत हैं तथा आयुर्वेद स्वस्थ जीवन की वैज्ञानिक पद्धति है। मुख्य वक्ता डॉ. राज तायल ने छात्रों को चिकित्सा सेवा, शोध और अनुशासन के महत्व से अवगत कराया। इस अवसर पर आयुर्वेद आधारित रील्स प्रतियोगिता एवं शल्य चिकित्सा विषय पर विचार गोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह भी पढ़ें- Bulandsehar News: आचार्य सुश्रुत थे प्लास्टिक सर्जरी शल्यचिकित्सा के जनक : वैद्य हितेश

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