पाकुड़, मई 11 -- झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तावित 'क्लस्टर सिस्टम' के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पाकुड़ ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश सह मंत्री बम भोला उपाध्याय ने कहा कि जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा को सुलभ बनाने की बात करती है, वहीं यह नई व्यवस्था छात्रों को एक विषय के लिए एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज दौड़ने पर मजबूर करेगी। यदि विज्ञान का छात्र माइनर सब्जेक्ट के लिए दूसरे कॉलेज जाएगा, तो उसका समय और पैसा दोनों बर्बाद होगा। विभाग को यह समझना चाहिए कि समस्या भौगोलिक स्थान की नहीं, बल्कि संसाधनों के असंतुलन की है; कहीं फैकल्टी है तो छात्र नहीं, और कहीं छात्र हैं तो शिक्षक नहीं। सरकार को क्लस्टर के बजाय शिक्षकों के युक्तिकरण और बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान देना चाहिए। यह भी पढ़ें- क्लस्टर व्यवस्था के विरो...