पटना, फरवरी 27 -- उद्यानिक फसलों का खेत से ही संरक्षण, निवेश से लेकर प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए क्लस्टर आधारित खेती का विकास होगा। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को एग्जीबिशन रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यशाला में ये बातें कही। कार्यशाला में क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत बिहार में निवेश प्रोत्साहन तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन की तैयारी पर चर्चा की गई। क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत उत्पादन पूर्व तैयारी, फसल कटाई के बाद प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के कार्य होंगे। कहा कि उन्होंने कहा कि लीची, मखाना, मशरूम, आम, शहद, आलू और केला जैसे उत्पादों में बिहार देश में अग्रणी है। शाही लीची और मिथिला मखाना जैसे जीआई टैग उत्पाद राज्य की गुणवत्ता, विशिष्टता और वैश्विक पहचान के प्रतीक हैं। क्...
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