लखनऊ, मई 8 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगभग 22 वर्ष पुराने कनिष्ठ लिपिक भर्ती विवाद में बड़ा फैसला सुनाते हुए वर्ष 2004 में हुई पूरी चयन प्रक्रिया को अवैध घोषित कर दिया है। न्यायालय ने चयनित तीन अभ्यर्थियों की नियुक्तियां निरस्त करते हुए उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि यदि पद रिक्त रहते हैं तो नई भर्ती कानून के अनुसार नए विज्ञापन के माध्यम से की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने विनय कुमार पाण्डेय की सेवा सम्बंधी याचिका पर पारित किया। मामला गवर्नमेंट वुडक्राफ्ट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, कटरा, इलाहाबाद में वर्ष 2004 में कनिष्ठ लिपिक के दो पदों पर हुई भर्ती से संबंधित था। सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष वर्ष 2007 की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। पूरी चयन प्रक्रि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.