नई दिल्ली, जनवरी 21 -- नई दिल्ली, प्र. सं.। हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले 43 साल के एक प्रशासनिक क्लर्क की आत्महत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने से बुधवार को इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत कार्यवाही चल रही है। रिपोर्ट का इंतजार है। पीठ ने कहा कि अदालत ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पीठ को इस समय प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का कोई कारण नहीं दिखता। ज्ञात रहे कि अहलमद (प्रशासनिक क्लर्क) के रूप में कार्यरत 43 वर्षीय हरीश सिंह महार ने 9 जनवरी को कथित तौर पर काम के दबाव में साकेत अदालत परिसर की एक इमारत से कूदकर जान दे दी थी।
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