गाजीपुर, अप्रैल 4 -- गाजीपुर, संवाददाता। करंडा स्थित गंगा आश्रम में आयोजित 48वें मानवता अभ्युदय महायज्ञ का छठा दिन आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। दिन भर वैदिक हवन-पूजन और श्रीरामचरितमानस के पारायण से वातावरण भक्तिमय बना रहा, वहीं संध्याकालीन सत्र में विद्वानों ने 'मानवता' और 'त्याग' के मर्म को साझा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वर वंदना और गुरु अर्चना से हुआ। संत वीरेंद्र और संत सुनील की गुरु वंदना के पश्चात दीपक और रजनीश के भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए मोहन ने कहा कि परमात्मा को केवल भक्त का अहंकार प्रिय है, इसलिए व्यक्ति को दिखावे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि परमहंस बाबा गंगा रामदास के दरबार में कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं है, जो निष्काम भाव से मानवता की सेवा ...