नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- महंगे सामान की खरीदारी करते समय कई लोगों को एक आम समस्या का सामना करना पड़ता है। दुकानदार बिल बनाते समय कहते हैं कि अगर भुगतान क्रेडिट कार्ड से करेंगे तो कुल राशि पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त देना होगा। ऐसे में ग्राहक अक्सर बिना सवाल किए यह रकम चुका देते हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह अतिरिक्त चार्ज क्यों लिया जाता है और क्या ग्राहक के लिए इसे देना जरूरी है? आइए इसको जरा विस्तार से समझने का प्रयास करते हैं। यह भी पढ़ें- क्रेडिट कार्ड बंद कराने में बैंक ने की देरी? मिलेगा 500 रुपये रोज का मुआवजाMDR है पूरे सिस्टम की एक लागत दरअसल, जब कोई दुकान क्रेडिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करती है, तो उस लेनदेन को प्रॉसेस करने के लिए व्यापारी को कुछ शुल्क देना पड़ता है। इसे सामान्य तौर पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR कहा जाता है। कार...