रांची, जुलाई 19 -- रांची, संवाददाता। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलसंकट और प्रदूषण की चुनौतियों को लेकर रविवार को क्रेडाई रांची चैप्टर द्वारा बिल्डर्स कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें प्रकृति आधारित अपशिष्ट जल प्रबंधन और सतत शहरी विकास पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यशाला में साईन-आईआईती बॉम्बे के इंद्रकांत झा ने कहा कि भविष्य के वाटर सेंसेटिव सिटीजके निर्माण के लिए पारंपरिक ऊर्जा-प्रधान सीवेज ट्रीटमेंट प्रणालियों से आगे बढ़कर प्रकृति आधारित, कम ऊर्जा खपत वाली तथा पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आईआईटी बॉम्बे द्वारा विकसित तकनीक जैविक एवं प्राकृतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से सीवेज का प्रभावी उपचार करती है, जिससे ऊर्जा की खपत, कार्बन उत्सर्जन और परिचालन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। कार्यशाला में उपस्थित रियल एस्टे...