लखनऊ, अप्रैल 2 -- गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए उप्र विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी बैठक में क्रिटिकल केयर यूनिटों की जांच के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने गिनेचुने नामी अस्पतालों की क्रिटिकल केयर यूनिट देखकर रिपोर्ट भेज दी। छोटे व मझोले अस्पतालों की जांच के नाम पर खानापूरी की गई। इससे गंभीर मरीजों की जान खतरे में है। लखनऊ में करीब एक हजार प्राइवेट अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इसमें करीब 300 अस्पतालों में क्रिटिकल केयर यूनिट का संचालन हो रहा है। लेकिन इनमें विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। कागजों में ही एमबीबीएस डॉक्टर तैनात हैं। यूनिट दूसरी विधा के डॉक्टर चला रहे हैं। उप्र विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी बैठक में निजी अस्पतालों की क्रिटिकल केयर यूनिट की जांच कराने के निर्देश स्वास्थ्य महानिदेशक को दिए थे...
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