लखनऊ, दिसम्बर 3 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुटखा कम्पनियों का प्रचार करने के मामले में केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण से पूछा है कि 2023 में याची द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन पर अब तक जांच लंबित क्यों है। न्यायालय ने आयोग को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब-तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया है। हालांकि न्यायालय ने याचिका में की गई प्रार्थनाओं को विचार के योग्य नहीं माना लेकिन सुनवाई के दौरान यह संज्ञान में आने पर कि याची के प्रत्यावेदन पर 12 सितंबर 2023 के आदेश के तहत मामले में जांच शुरू की गई थी, उपरोक्त आदेश दिया है। याचिका में सम्बंधित गुटखा कंपनियों के साथ-साथ क्रिकेटर कपिल देव, सुनील गावस्कर, वीरेंद्र सहवाग, क्रिस गेल तथा अ...
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