भागलपुर, नवम्बर 22 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। मानव एक मात्र प्रजाति है, जिसके पास अपनी कल्पनाओं को व्यक्त करने की क्षमता है। कविता साहित्य की सबसे पुरानी विधा है। छंद मुक्त कविता ने कल्पनाओं को विस्तार दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के पास विज्डम नहीं होता है। क्रिएटिव राइटिंग में एआई से बचने की जरूरत है। यह बातें शुक्रवार को टीएमबीयू के पीजी अंग्रेजी विभाग में विवि के लोकपाल प्रो. यूके मिश्रा ने कही। वे विभाग में क्रिएटिव राइटिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का विषय 'इमेजिनेशन इन मोशन' रखा गया है। कार्यशाला का उद्घाटन लोकपाल प्रो. मिश्रा, रिसोर्स पर्सन के तौर पहुंचे आरएम कॉलेज, सहरसा (बीएन मंडल, मधेपुरा) के प्राचार्य प्रो. गुलरेज रौशन रहमान और विभाग की हेड ड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.