क्रांति का इतिहास हमें अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना सिखाता है: डॉ सुशील
रामगढ़, जून 29 -- दुलमी, निज प्रतिनिधि लारी सुकरीगढ़ा स्थित डॉ एस राधाकृष्णन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में सोमवार को देश के पहले जनक्रांति के महानायक अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो की स्मृति में हूल दिवस अत्यंत गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकों और छात्र-अध्यापकों द्वारा वीर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मौके पर मुख्य वक्ता ने कहा कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह से शुरू हुआ हूल सिर्फ एक विद्रोह नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन और अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए विदेशी हुकूमत के खिलाफ देश का पहला संगठित जन-आंदोलन था। यह भी पढ़ें- हूल दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम छात्राओं ने सिदो कान्हू पर दी नाट्य प्रस्तुति सिदो-कान्हू का नारा करो या मरो, अंग्रेजों हमारी मा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.