क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर याद किए गए बलिदान
देहरादून, जून 11 -- देहरादून। नेताजी संघर्ष समिति के कांवली रोड स्थित कार्यालय में गुरुवार को आजादी के अमर नायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन और देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। समिति के उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल और प्रमुख महासचिव आरिफ वारसी ने बताया कि 11 जून 1895 को शाहजहांपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे बिस्मिल एक ओजस्वी कवि और शायर थे। उन्होंने जेल में रहते हुए 'सरफरोशी की तमन्ना' और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' जैसी अमर रचनाएं लिखीं, जो आज भी देशभक्ति का जोश भर देती हैं। यह भी पढ़ें- क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर याद किए गए बलिदान काकोरी कांड के महानायक बिस्मिल ने महज 30 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम ...
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