दुमका, मई 30 -- शिकारीपाड़ा। शिकारीपाड़ा पत्थर औद्योगिक क्षेत्र में क्रेशर प्लांट एवं स्टोन लदे वाहनों से उड़ते धूलकण से जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर विभाग द्वारा भले ही पटटाधारी कोलम बी सूची के साथ सहमति पत्र दिया जाता है। मगर स्वीकृति मिलने के बाद शायद ही कोई पट्टाधारी दिए गए सूची के नियमों के अनुरूप कार्य करते हैं। यह भी पढ़ें- कैमूर की वायु गुणवत्ता में सुधार, पिछले वर्ष से 78 एक्यूआई कमप्रदूषण के प्रभाव समय-समय पर पेड़ पौधे लगाना, पानी का छिड़काव करना, क्रशर मशीन पर पानी का फव्वारा लगाना, क्रेशर प्लांट की बेहतर तरीके से घेराबंदी एवं गहरा बंदी के ऊपर फव्वारा लगाना, समय-समय पर आसपास के लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच आदि महज कागज में ही सिमट कर रह गई है। जबकि संबंधित अधिकारी से पूछने...