मुजफ्फरनगर, अप्रैल 6 -- Muzaffarnagar News: अधिवक्ता समीर की हत्या में तीन आरोपियों को दोष सिद्ध होने पर फांसी की सजा सुनाने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट (नंबर तीन) के पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाते हुए जजमेंट में कविता का उल्लेख किया''कचहरी की सीढ़ियों पर,आज सन्नाटा कुछ बोल रहा है,जहां दलीलों की गूंज थी कल,वहां खामोशी डोल रही है,काला कोट जो ढाल बना था,सच की हर एक लड़ाई में,वो गिर पड़ा आज जमीन पर,झूठ की गहरी साजिश में,कल तक जो कानून था जिंदा,हर जुर्म को आईना दिखाता था,आज उसी के रखवाले को,किसी ने बेरहमी से सुला डाला,पर ये खून बेकार नही जाएगा,हर बूंद गवाही बन जाएगी,जो सच दबाने निकले थे,उनकी साजिश जल जाएगी,क्योंकि हर वकील की सांसों में,एक अदालत बसती है,और मरकर भी वकील की आवाज,इंसाफ ही रचती है।फैसले के साथ इंसाफ मिलते ह...