नई दिल्ली, मई 14 -- झारखंड में लाखों बच्चों की पढ़ाई अब एक कागज पर अटक गई है। यह कागज है क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाणपत्र। राज्य में स्कूलों में आधार कार्ड अनिवार्य होने के बाद अब उन बच्चों की मुश्किल बढ़ गई है, जिनके जन्म प्रमाणपत्र पुराने तरीके से बने थे या जिन पर क्यूआर कोड नहीं है। हालत यह है कि करीब 14 लाख बच्चों का आधार कार्ड अब तक नहीं बन पाया है और 12 लाख बच्चों का आधार वेरिफिकेशन भी अधूरा पड़ा है।स्कूलों में दाखिले के समय मांगा जा रहा आधार राज्य के सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों में अब बच्चों का आधार नंबर जरूरी कर दिया गया है। निजी स्कूलों में तो आवेदन फॉर्म भरते समय ही आधार नंबर मांगा जा रहा है। पांच साल से छोटे बच्चों के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और बाद में उनका अपडेट भी जरूरी होता है। लेकिन अब आधार केंद्रों पर साफ कहा जा ...