नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने बच्चों की तस्करी के मामले में आरोपी एक महिला की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए बेहद महत्वपूर्ण बात कही। इस महिला ने अपने बच्चों की देखभाल करने के लिए 30 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। हालांकि उसकी मांग को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि बच्चों की देखभाल करना एक लगातार चलने वाली जिम्मेदारी है, और गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को राहत देने के लिए इसे आधार नहीं बनाया जा सकता। याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस गिरीश कठपालिया की पीठ ने कहा कि आरोपी द्वारा दिया गया आधार बेहद सामान्य है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि आरोपी महिला (जो एक सिंगल मदर है) ने अंतरिम जमानत पाने के लिए जो वजह बताई है, वह बहुत ही आम है और अस्थायी रिहाई को ...
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