नई दिल्ली, मई 28 -- सनातन धर्म में दान-पुण्य का काम काफी शुभ माना जाता है। इन्हीं में से एक खास दान होता है जिसका नाम शय्या दान है। शय्या का मतलब बिस्तर और सोने की जगह को कहते हैं। जब भी किसी जरूरतमंद इंसान या फिर साधु-संत के लिए बिस्तर या फिर इससे जुड़ी चीजें जैसे तकिया, चादर या फिर पलंग जैसी चीजें दान की जाती हैं तो उसे शय्या दान कहा जाता है। माना जाता है कि इस दान से ना सिर्फ पुण्य कमाया जा सकता है बल्कि जिंदगी में हर आने वाली बाधाएं भी इससे कम होने लगती हैं।कब और क्यों करते हैं शय्या दान? शय्या दान कुछ खास मौकों पर ही किया जाता है। लोग पितरों की शांति या फिर किसी के निधन के बाद, धार्मिक अनुष्ठान या फिर किसी खास मनोकामना को पूरा करने के लिए करते हैं। ग्रह दोष से छुटकारा पाने के लिए भी लोग शय्या दान करते हैं। ग्रह दोष के चलते जिंदगी में...