नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- सुंदरकांड का पाठ कितनी बार करना चाहिए. एक बार में भी कर सकते हैं, और रूक -रुक कर भी सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं। अगर आप एक बार पाठ करना चाहते हैं, तो कर लें और अगर रुक-रुक कर पाठ करना चाहते हैं, तो रोज 10 और 15 चौपाई पढ़ें। अगर रोज 10-15 चौपाई करते हैं, तो एक नियमित समय पर करें। यह पाठ मनोकामनाओं की पूर्ति, रोगों के नाश, शत्रु विजय और आर्थिक समृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। सुंदरकांड के पाठ को लेकर कोई पात्रता नहीं है, कि कौन इसे पढ़ सकता है और कौन नहीं। इसका पाठ हर वर्ग के इंसान, महिला हो या पुरुष, बच्चे हों या बुजुर्ग सभी को पढ़ना चाहिए। सुंदरकांड के पाठ की एक ही पात्रता है इसका नियमित करें। इसको पढ़ने के लिएसमय को लेकर भी कोई सीमा नहीं है। शाम पढ़ें, दोपहर पढ़ें या रात को पढ़ें।क्या है सुंदरकांड सुंदरकांड, र...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.