नई दिल्ली, जून 1 -- नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के संसद में दिए गए बयान के बाद भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख दर्रे का विवाद फिर से चर्चा में आ गया है। बालेन शाह ने कहा था कि अंग्रेजी राज से चले आ रहे विवादों को वह यूके के सामने उठाएंगे। हालिया मामला भारत और चीन की ओर से किए गए 2026 कैलास मानसरोवर यात्रा से जुड़ा हुआ है। कैलास मानसरोवर की यात्रा के दो रास्तों में से एक उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से भी होकर गुजरता है। भारत और चीन में समझौते के मुताबिक दोनों देश मिलकर इस यात्रा को पूरा करवाते हैं। वहीं नेपाल लिपुलेख पर अपना दावा ठोक रहा है।210 साल पुराना है विवाद लिपुलेख दर्रे का विवाद कोई नया नहीं है। यह 1816 से ही चला आ रहा है। दरअसल यह दर्रा भारत, चीन और नेपाल की सीमा के पास स्थित है। यह दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत के पुरांग से जोड़ता...