नई दिल्ली, अक्टूबर 11 -- दुर्गा सप्तशती भगवती के बारे में कहा गया है। इसमें मां भगवती के इतिहास का वर्णन है। इसमें बड़े-बड़े गृढ॒ साधन-रहस्य भरे हैं। कहा जाता है कि जो इसका पाठ करता है वो दुर्लभ से दुर्लभ चीज को भी आसानी से पा लेता है। इसके साथ ही मां के अराधना करके मोक्ष को पाता है। इसलिए हमें दुर्गासप्तशती का पाठ करना चाहिए। इसके पाठ को इसलिए भी करना चाहिए क्योंकि शास्त्रों में कहा जाता है। जिस प्रकार यज्ञों में अश्वमेध यज्ञ और देवताओं में भगवान विष्णु श्रेष्ठ हैं, उसी प्रकार समस्त स्तोत्रों में दुर्गा सप्तशती जैसा कोई स्तोत्र नहीं है। राजा सुरथसे महर्षिं मेधा ने कहा था महाराज! आप भगवती परमेश्वरी की शरण ग्रहण कीजिए। जो भी उनकी अराधना करता है, वो मनुष्य भोग, स्वर्ग ओर अपुनरावतीं मोक्ष प्रदान करती हैं । इसी तरह देवी की आराधना करके एश्वर्य...