जयपुर, मई 20 -- राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में 'आटा-साटा' प्रथा के तहत ब्याही गई बीकानेर की महिला को तलाक की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने परिवार न्यायालय के पुराने आदेश को रद्द करते हुए कहा कि वैवाहिक विवादों में क्रूरता साबित करने के लिए आपराधिक मामलों जैसे सख्त सबूतों की जरूरत नहीं होती। हाई कोर्ट ने इस पुरानी विवाह प्रथा की कड़ी निंदा की और इसे अमानवीय तथा गैर-कानूनी बताया।क्या है आटा-साटा प्रथा? आटा-साटा (जिसे लेन-देन वाली शादी भी कहते हैं) राजस्थान की एक बहुत पुरानी प्रथा है। इसमें दो परिवार आपस में अपनी बेटियों की शादी तय करते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो एक परिवार की बेटी दूसरे परिवार के लड़के से ब्याही जाती है और बदले में दूसरे परिवार की बेटी पहले परिवार के लड़के के घर आती है। अपील करने वाली महिला की शादी 31 मार्च, 2016 क...